प्रस्तुत पुस्तक में प्राकृतिक संसाधन और उसके उपयोग से संबंधित विभिन्न आयामों का प्रतीकात्मक अध्ययन के माध्यम से विशद् विवरण प्रस्तुत किया गया है। सर्वप्रथम संकल्पनात्मक आधार को प्रस्तुत किया गया है जिससे कि अध्ययनकर्ता को विषय से संबंधित शब्दावलियों को समझने में कठिनाई न हो। तत्पश्चात अध्ययन क्षेत्र का भौगोलिक पृष्ठभूमि प्रस्तुत किया गया है और प्राकृतिक संसाधनों का वितरण एवं उत्पादन की व्याख्या की गयी है। अध्ययन क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों की मात्रा और गुणवत्ता के आधार पर उपयोग को दर्शाया गया है। प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से संबंधित उत्पन्न होने वाली समस्याओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। इस पुस्तक का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अध्याय अध्ययन क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का नियोजन है क्योंकि किसी क्षेत्र के सामाजिक आर्थिक विकास में वहाँ उपस्थित प्राकृतिक संसाधनों के नियोजन की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण होती है।
इस पुस्तक की रचना का उद्देश्य भूगोल के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और जिज्ञासुओं को प्राकृतिक संसाधन के विविध आयामों का शोध कार्य के आधार पर एक विश्वसनीय विवरण उपलब्ध कराना है। आशा है कि प्रस्तुत पुस्तक भारत के भूगोल के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और जिज्ञासुओं के लिए लाभप्रद होगी।
| DETAILS | |
| AUTHOR'S NAME | डॉ. प्रीतम कुमार सिंह |
| ISBN | 978-93-81416-60-0 |
| EDITION | 2018 |
| LANGUAGE | HINDI |
| BINDING | HB |
| SIZE | DEMY |
| PAGES | 112 |
| PUBLISHER | AKHAND PUBLISHING HOUSE |
