नगरीकरण वह प्रक्रिया है जिसका प्रादुर्भाव आर्थिक वृद्धि के परिणामस्वरूप होता है तथा यह आर्थिक संवृद्धि का निर्धारक भी है। इसके बावजूद भारत में आर्थिक वृद्धि की तुलना में नगरीकरण की वृद्धि दर धीमी रही है जिसके विविध कारक हैं। ग्रामीण उत्पादकता में अपर्याप्त वृद्धि, उद्योगों में मानव श्रम की बजाय मशीन एवं पूँजी आधारित प्रतिकूल प्रौद्योगिकी का विकास, श्रम विधानों की कठोर प्रकृति एवं लघु उद्योगों के विस्तार की अपर्याप्त नीति, नगरीय अधिसंरचना पर अपर्याप्त व्यय, नगरीय भूमि हदबंदी अधिनियम एवं नगरीय भूमि नीति की कठोरता, इत्यादि। नगर नियोजन एवं विकास नामक पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्दक साबित होगी।
| DETAILS | |
| AUTHOR'S NAME | डॉ. प्रदीप सिंह शेखावत |
| ISBN | 978-93-88998-09-3 |
| EDITION | 2019 |
| LANGUAGE | HINDI |
| BINDING | HB |
| SIZE | DEMY |
| PAGES | 194 |
| PUBLISHER | AKHAND PUBLISHING HOUSE |
