'भारतीय अम्बेडकरवादी कहानी साहित्य' यह मेरी तीसरी पुस्तक हैं। इस पुस्तक में मैंने दलित साहित्य के स्वरूप पर प्रकाश डाला है। दलित साहित्य को लेकर जितने भी विवाद खड़े हुए थे उन सब का समाधाान इस पुस्तक में मिल सकता है। दलित साहित्यकार और दलितेत्तर साहित्यकारों में मूल क्या अंतर है? दलित साहित्य किस तरह का साहित्य है? इस तरह पाठकों के मन में उठने वाले अनेक तरह के सवालों का समाधाान इस पुस्तक में दिया गया हैं। दलित साहित्य की परंपरा बहुत प्राचीन रही है, यह प्रतिक्रांति का साहित्य है, इसलिए इस पुस्तक में विभिन्न कालों में दलित साहित्य की स्थिति किस तरह की थी? इस पर भी विस्तार से विचार किया गया है। भारत की विभिन्न भाषाओं में लिखी गई कहानियाँ पढ़कर उनमें चित्रित दलित जीवन को समझने में यह पुस्तक दलित साहित्य पर शोधकार्य करने वाले शोधार्थियों, पाठकों और विद्यार्थियों के लिए निश्चित रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।
| DETAILS | |
| AUTHOR'S NAME | डॉ. पी. व्ही. महालिंगे |
| ISBN | 978-93-88998-68-0 |
| EDITION | 2019 |
| LANGUAGE | HINDI |
| BINDING | HB |
| SIZE | DEMY |
| PAGES | 234 |
| PUBLISHER | AKHAND PUBLISHING HOUSE |
