पुस्तक परिचय
प्रस्तुत पुस्तक 'बौद्ध धर्म और पर्यावरण' प्राचीन भारत के छठीं शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर आज तक के प्रकृति व पर्यावरण के गहरे रिश्ते को रेखांकित करती है। इतिहास का विद्यार्थी होने के कारण इतिहास के पन्नों में कुछ नवीन ढूँढ़ने की आदत हो गई है। गौतम बुद्ध एक ऐसे युगांतकारी पुरुष के रूप में सामने आते हैं, जिन्होंने भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लोगों के रहन-सहन, सोच, पूजा-पद्धति, वर्तमान और भविष्य सबको प्रभावित किया। उनके प्रभा मंडल से अमीर-गरीब, राजा प्रजा, स्त्री- पुरुष, शहरी (नागरीय), ग्रामीण; यहाँ तक कि पशु-पक्षी; कोई भी अछूता नहीं रहा । प्रस्तुत पुस्तक ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से हमारी प्रकृति और पर्यावरण की संरक्षा में हमारा ध्यान आकृष्ट करेगी, इसकी मंगलकामना के साथ बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर यह पुस्तक समर्पित है, उन सभी को, जो जाने-अनजाने पर्यावरण की संरक्षा के लिए कार्यरत हैं। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि यह धरती हरी-भरी रहे। नदियाँ, पर्वत, वन, वृक्ष सभी सुरक्षित रहें, ताकि मानव व जीव-जंतुओं की नई पीढ़ी अनंतकाल तक सुरक्षित रहे। समय और काल को देखते हुए यह पुस्तक मेरी दृष्टि में अपना विशेष महत्त्व रखती है, विशेषकर बौद्ध धर्म और बौद्ध धर्म में पर्यावरण पर शोध करने वालों के लिए यह पुस्तक बहुत उपयोगी होगी। सामान्यजनों और विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तक ज्ञानवर्धक होने के साथ ही रुचिकर भी है।
लेखक परिचय
डॉ. दिनेश कुमार का जन्म 1989 में उत्तर प्रदेश के हरदोई जिला में हुआ । वर्तमान में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा राजकीय महाविद्यालय हेमपुर, बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर- प्रदेश में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत होने के साथ ही इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष के कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। इससे पूर्व आप लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग से एम.फिल के पश्चात् पाश्चात्य इतिहास विभाग में पी-एच. डी. की उपाधि प्राप्त की और परास्तानक बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) लखनऊ के इतिहास विभाग से पूर्ण किया। शिक्षा स्नातक की पढ़ाई छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से पूर्ण हुई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली के द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET& JRF ) उत्तीर्ण की। आज के समय में सरकारी नौकरियों की मारामारी में आपने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई है। कई पुस्तकों में विभिन्न विषयों पर अध्याय लिखने के साथ-साथ दर्जनों राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में शोध पत्र भी लिख चुके हैं और अनेक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग ले चुके हैं। आप इतिहास एवं साहित्य में गहरी रूचि रखते है और अध्ययन एवं अध्यापन के साथ ही निरंतर लेखन कार्य करते रहते हैं।
| DETAILS | |
| AUTHOR'S NAME | डॉ. दिनेश कुमार |
| ISBN | 978-81-19098-57-6 |
| EDITION | 2025 |
| LANGUAGE | HINDI |
| BINDING | HB |
| SIZE | DEMY |
| PAGES | 168 |
| PUBLISHER | AKHAND PUBLISHING HOUSE |
