राजनीति में आधुनिकीकरण एवं परम्परा का अपना विशेष महत्व होता है। प्रत्येक देश की राजनीतिक व्यवस्था में यह दोनों तत्व विद्यमान होते हैं। आधुनिकीकरण से तात्पर्य विकासात्मक स्थिति से होता है जबकि परम्परागत स्थिति इसके विपरीत है। प्रजातंत्र एवं राजनीतिक दल दोनों एक-दूसरे के पूरक कहे जा सकते हैं। प्रजातंत्र में नागरिकों को राजनीतिक दल बनाने की स्वतंत्रता रहती है। सभी राजनीतिक दल जनता के समक्ष अपने सिद्धांतों को रखते हैं। जनता उस सिद्धांत को स्वीकार या अस्वीकार के आधार पर पक्ष या विरोध में वोट देती है। जनता को अपने मतों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त होती है। राजनीतिक दल व्यक्ति को राजनीतिक शिक्षा भी प्रदान करते हैं। मध्य 16वीं शताब्दी और 17वीं शताब्दी के अंत के बीच मुगल साम्राज्य भारतीय उपमहाद्वीप में प्रमुख शक्ति थी। 1526 में स्थापित, यह नाममात्र 1857 तक बचा रहा, जब वह ब्रिटिश राज द्वारा हटाया गया। यह राजवंश कभी कभी तिमुरिड राजवंश के नाम से जाना जाता है क्योंकि बाबर तैमूर का वंशज था। भारत का संविधान, भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर, 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी, 1950 से प्रभावी हुआ। प्रस्तुत पुस्तक में समाजशास्त्रीय मूलभूत संकल्पनाओं के विशाल क्षितिज को। समेटने का प्रयास किया गया है, जो स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा अन्य प्रयोगी परीक्षार्थियों के लिए अत्यन्त सार्थक एवं उपादेय सिद्ध होगा।
| DETAILS | |
| AUTHOR'S NAME | डॉ. समरेन्द्र बहादुर शर्मा |
| ISBN | 978-93-88998-42-0 |
| EDITION | 2019 |
| LANGUAGE | HINDI |
| BINDING | HB |
| SIZE | DEMY |
| PAGES | 268 |
| PUBLISHER | AKHAND PUBLISHING HOUSE |
