नाथपन्थ और योगवाशिष्ठ : आस्तिक दर्शनों के आलोक में

₹280

₹350

DETAILS
AUTHOR'S NAME डॉ. सम्पूर्णानन्द तिवारी
ISBN 978-93-88998-29-1
EDITION 2019
LANGUAGE HINDI
BINDING HB
SIZE DEMY
PAGES 112
PUBLISHER AKHAND PUBLISHING HOUSE

नाथपन्थ और योगवासिष्ठ : आस्तिक दर्शनों के आलोक में " पुस्तक में उन सिद्धान्तों एवम विचारों को प्रस्तुत किया गया है जो नाथपन्थ और योगवासिष्ठ में समान रूप से विद्यमान हैं। यथा हठयोग, शिवतत्त्व, चित्ति इत्यादि अवधारणाएं दोनों में समान रूप से उपस्थित है। प्रस्तुत पुस्तक को आस्तिक दर्शनों के परिप्रेक्ष्य में लिखा गया है। इसमें यह दर्शाया गया है कि औपनिषदिक चिंतनधारा में भी नाथ सम्प्रदाय की साधनापद्धति के लक्षण विद्यमान हैं। नाथपन्थ में जिस प्रकार शिव और शक्ति के स्वरूप का निर्वचन किया गया है लगभग उसी रूप में वेदान्त दर्शन में ब्रह्म और माया का, साँख्य दर्शन में पुरुष और प्रकृति का तथा विशिष्टाद्वैत दर्शन में नारायण और लक्ष्मी के स्वरूप का निर्वचन हुआ है।

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AUTHOR'S NAME डॉ. सम्पूर्णानन्द तिवारी
ISBN 978-93-88998-29-1
EDITION 2019
LANGUAGE HINDI
BINDING HB
SIZE DEMY
PAGES 112
PUBLISHER AKHAND PUBLISHING HOUSE

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